Ghazal Shayari

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Ghazal is a collection of Sher's (couplets) which follow the rules of 'Matla', 'Maqta', 'Beher', 'Kaafiyaa' and 'Radeef' which is little longer than other forms of poetry and contains more words and mostly written in 6 to 10 lines. New_Ghazal_ShayariUrdu_Ghazal_Shayari  and  Ghazal_Poetry  are the keywords of this shayari. Here you can learn and read latest Urdu Ghazal Shayari.  Because, we have some of the best_sad_ghazals and romantic_ghazals available on the internet in Hindi and English Script and you can check another categories ishq shayari, love shayari, romantic shayari and sad shayari.

Had me rahana

U to ghanto tak baaten kiya karti thi hamari nazren ek dusro se,
Lekin jab humne unko kaha “Hume hai aapse kuch kahna”
Unhone bade ghusse se hume dekha aur kaha “Hadd me rahana “.

Har Surat Se Ishq Ke Zaike Nahi Bante

Love Shayari 2020

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New Ghazal Love Shayari 2020

ज़माने भर से जो ग़र मेरे फ़ासले नहीं बनते
तो तेरे मेरे दरमियाँ भी फिर राब्ते नहीं बनते

कोई होता है जो उतर जाता है दिल में
वर्ना हर सूरत से इश्क़ के ज़ायक़े नहीं बनते

सूरत को तो संवारते हैं मगर सीरत को नहीं
दिल की मंशा जो बता सके आईने नहीं बनते

ऐसा भी हो ये भी मुमकिन है कभी - कभी
ज़िंदगी में हादसे ना हों तो रास्ते नहीं बनते

अब तो तेरी याद भी नहीं आती है मुझे
दिल की सतह पे अब बुलबुले नहीं बनते

Hindi Shero Shayari 2020 | Shero Shayari in Hindi

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Hindi Shero Shayari 2020 | New Shero Shayari in Hindi

उसका आना भी देखा है
उसका जाना भी देखा है

इक पल में ही हमने तो
गुजरता जमाना देखा है

उससे ताल्लुक़ात ना सही
ख्वाब में तो आश्ना देखा है

हर गम भूल जाये वो शख्स
जिसने तेरा मुस्कुराना देखा है

Hindi Shero Shayari 2020

शायद जी उसका भर गया होगा
यूँ ही तो न बात से मुकर गया होगा

गुलों के झुके हुए सर बता रहे मुझे
इसी रास्ते से ही वो गुजर गया होगा

नोचा होगा खुद को रोया होगा बहुत
जो जहन से मेरा मंजर गया होगा

याद तो आया होगा इक दफा तो मैं
जब वो मोहब्बत के नजर गया होगा

न उठती कसक याद में न हिज्र बहते हैं
लगता 'साहील' दिल अपना मर गया होगा

तेरे आंचल से रिश्ता मेरा ता उम्र रहे
मेरे लबों पे आपकी हंसी का हुनर रहे

मिलना ना मिलना तो मुकद्दर की बात
मगर कम से कम दिल में इक सब्र रहे

ये तन्हाई का रोना गम की जुस्तजू क्या
आप ना वाकिफ़ हो न कभी ऐसा हश्र रहे

Shero Shayari in Hindi 2020

शायर के हसीन खयाल सा लग रहा होगा
मैं जानता के वो गुलाब सा लग रहा होगा

आँखो में काजल, वो खुली ज़ुल्फ़ का कहर
ना बता धुप में वो इक घटा सा लग रहा होगा

लफ्ज़ जैसे शहद, आवाज एक मधुर नग्मा
सोचने बाद उसे कहीं देखा लग रहा होगा

उसके नाम को तू बात बात पे ना दोहरा, वो
शायर के ग़ज़ल में पढ़ा सा लग रहा होगा

दहल के उठ जाते हैं ख्वाब
निंद मेरी कच्ची सी रहती है
जब से मिला हूं तुमसे दोस्त
तबियत अच्छी सी रहती है
बिखरी ज़ुल्फ़ें न काजल के
वो भी न बच्ची सी रहती है
पर ,मगर, की न होती जगह के
बातें वो ही सच्ची सी रहती हैं

 

 

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वहशत-ए-दिलनेकहीं का भी न रक्खा मुझ को
देखना है अभी क्या कहती है दुनिया मुझ को
 
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असर-ए-क़ैद-ए-तअ’य्युन से भी आज़ाद है दिल
किस तरह बंद-ए-अलाएक़ हो गवारा मुझ को
 
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लेने भी दे अभी मौज लब-ए-साहिल के मज़े
क्यूँ डुबोती है उभरने की तमन्ना मुझ को
 
 
ख़्वाहिश-ए-दिल थी कि मिलता कहीं सौदा-ए-जुनूँ
मैं ने क्या माँगा था क़िस्मत ने दिया क्या मुझ को
 
तेरी बे-पर्दगी-ए-हुस्न ने आँखें खोलीं
तंग-दामानी-ए-नज़्ज़ारा थी पर्दा मुझ को
 
आख़िरी दौर में मदहोश हुआ था लेकिन
लग़्ज़िश-ए-पा ने मिरी ख़ूब सँभाला मुझ को
 
उम्र सारी तो कटी दैर-ओ-हरम में ऐ ‘शौक़’
इस पे सज्दा भी तो करना नहीं आया मुझ को
 

मैं तुझ से लाख बिछड़ कर यहाँ वहाँ जाता – सलमान अख़्तर

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मैं तुझ से लाख बिछड़ कर यहाँ वहाँ जाता

मिरी जबीन से सज्दों का कब निशाँ जाता

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ज़मीन मुझ को समझती आसमाँ कोई

गुनाहगार ही कहलाता मैं जहाँ जाता

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नसीब से तो मिले थे फ़क़त ये ख़ाली हाथ

फ़राख़-दिल वो होता तो मैं कहाँ जाता

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मुझे ख़बर थी इस घर में कितने कमरे हैं

मैं कैसे ले के वहाँ सारी दास्ताँ जाता

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मैं एक गूँज की मानिंद लौटता उस तक

जहाँ से मुझ को बुलाता मैं बस वहाँ जाता

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